गोंधल क्या है? मराठी परंपरा से ऑस्कर तक

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  Gondhal Oscar 2027: मराठी फिल्म ‘गोंधल’ के भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री बनने के बाद महाराष्ट्र की एक पारंपरिक लोक-विधि भी चर्चा में आ गई है। आखिर गोंधल क्या है और इस परंपरा का फिल्म से क्या संबंध है? आइए समझते हैं। गोंधल आखिर होता क्या है? महाराष्ट्र में गोंधल एक पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान और लोक-प्रस्तुति है, जिसमें भक्ति, संगीत, गायन और नृत्य का मेल देखने को मिलता है। यह परंपरा कुछ परिवारों में कुलदेवता की पूजा और शुभ अवसरों से जुड़ी रही है। महाराष्ट्र के मराठी विश्वकोश के अनुसार, गोंधल देवी की स्तुति और पूजा से जुड़ा एक कुलाचार है। गोंधल की प्रस्तुति करने वाले कलाकारों को गोंधली कहा जाता है। पारंपरिक प्रस्तुति में देवी-देवताओं की स्तुति, लोकगीत, वाद्य संगीत और नृत्य शामिल होते हैं। शादी जैसे शुभ अवसरों पर भी होती है यह परंपरा गोंधल का संबंध महाराष्ट्र के कुछ परिवारों में विवाह और दूसरे मंगल अवसरों से रहा है। महाराष्ट्र सरकार के गजेटियर में भी इसका उल्लेख मिलता है कि शुभ अवसर के बाद देवी की पूजा और स्तुति के लिए गोंधल की प्रस्तुति की जाती थी। इस दौरान रात में संगीत और नृत्य ...

आज रहेगी फ्री एंट्री विश्व धरोहर दिवस 2026,18 april ताज और आगरा किला देखने का सुनहरा मौका,

 आगरा की ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से निहारने का सपना देखने वालों के लिए आज का दिन बेहद खास है। 18 अप्रैल को पूरी दुनिया में 'विश्व धरोहर दिवस' मनाया जा रहा है, और इस विशेष अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने पर्यटकों को एक शानदार तोहफा दिया है। आज आगरा के विश्व प्रसिद्ध ताजमहल, ऐतिहासिक आगरा किला और फतेहपुर सीकरीसहित देश के सभी संरक्षित स्मारकों में प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क रहेगा।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता को अपनी गौरवशाली विरासत और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। हालांकि, पर्यटकों को यह ध्यान रखना होगा कि ताजमहल के मुख्य गुंबद (Main Mausoleum) में जाने के लिए 200 रुपये का अतिरिक्त टिकट पहले की तरह ही अनिवार्य रहेगा, जो भीड़ प्रबंधन के नियमों के तहत लागू है। मुख्य परिसर में प्रवेश के लिए आज किसी भी टिकट की आवश्यकता नहीं होगी और टिकट विंडो बंद रहेंगी।
हर साल 18 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय स्मारक और स्थल दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। 2026 के लिए इस दिन की थीम 'आपदाओं और संघर्षों के संदर्भ में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया' रखी गई है। अगर आप भी इतिहास के पन्नों को करीब से देखना चाहते हैं, तो आज का दिन आगरा की इन बेमिसाल सुंदरताओं को देखने के लिए सबसे उत्तम है।

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